सौंफ, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च, हींग, हल्‍दी, जीरे के सेवन से सुधरेंगे इतने ग्रह, मिलेगा लाभ

 

भारतीय रसोई में मिलने वाले मसाले सेहत के लिए तो अच्छे होते ही हैं उनके सेवन से हमारे ग्रह भी अच्छे होते हैं। आइये जानते हैं किस मसाले का किस ग्रह से है संबंध और क्‍या है लाभ।भारतीय रसोई में मिलने वाले मसाले सेहत के लिए तो अच्छे होते ही हैं उनके सेवन से हमारे ग्रह भी अच्छे होते है। तो आइए जानते हैं कि कौन सा मसाला, आपके जीवन में कहां प्रभाव डालता है और किस ग्रह को प्रभावित करके आपको लाभ या नुकसान पहुंचाता है…



1 . नमक-
नमक खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण चीज है। ज्योतिष में नमक का संबंध सूर्य से माना जाता है। माना जाता है कि यदि नमक आप जल में मिलाकर सूर्य को देते हैं, तो यह आपको कर्ज से मुक्ति का रास्ता निकालता है। तो वहीं इसका सेवन कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करता है और उसके अशुभ प्रभाव को दूर करने का काम करता है।

2 . लाल मिर्च
इसका नवग्रहों के देवसेनापति मंगल ग्रह से संबंधित है। जिनकी कुंडली में मंगल की स्थिति सही नहीं है तो उनको लाल मिर्च का दान करना चाहिए। मंगल जातक को साहसी बनाता है और इसके शुभ प्रभाव से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। इसका प्रभाव पारिवारिक जीवन पर भी पड़ता है। वहीं कुंडली में अगर मंगल सही नहीं है तो त्वचा संबंधित कई रोग हो सकते हैं। लाल मिर्च कुंडली में मंगल की स्थिति को मजबूत करता है।

3 . हल्दी
यह कई मायनों में गुणकारी होती है। हल्दी बृहस्पति ग्रह से संबंधित होती है और इसके सेवन से कुंडली में बृहस्पति की स्थिति मजबूत होती है। हल्दी का संबंध बृहस्पति ग्रह से है इसलिए इसके सेवन से व्यक्ति भाग्यशाली होता है और कई क्षेत्रों में लाभ प्राप्त करता है। हल्दी के उपाय करने से बृहस्पति ग्रह कुंडली में मजबूत होते हैं। वहीं कुंडली में अगर बृहस्पति ग्रह की स्थिति सही नहीं है तो जीवन में कई असफलताओं का सामना करना पड़ता है।

4 . जीरा
ये मसाला राहु-केतु का प्रतिनिधित्व करता हैं। जीरा का निरंतर सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। राहु-केतु के शुभ फल की प्राप्ति के लिए मंगलवार के दिन दही में जीरा डालकर प्रयोग करें तो जीवन में सुख-शांति के साथ समृद्धि भी प्राप्त होती है। साथ ही भाग्य भी साथ देता है।

5 . धनिया
धनिया का सम्बन्ध ग्रहों के राजकुमार बुध से होता है। धनिया के उपाय करने से कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होती है और घर में बरकत का रास्ता खुलता है। बुध की मजबूत स्थिति से व्यक्ति बौद्धिक रूप से धनी और कुशल वक्ता बनाता है। साथ ही धन के मामले में भी बुध का साथ मिलता है। वहीं इसके अशुभ प्रभाव से जीवन में दरिद्रता आती है और कारोबार में हानि का सामना करना पड़ता है। साथ ही मानसिक रूप से परेशानी आती है।

6 . काली मिर्च
इसका सम्बन्ध शनि ग्रह से होता हैं और इसके सेवन से कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होती है। अगर शनि अशुभ प्रभाव दे रहा है तो काली मिर्च के उपाय करने चाहिए। शनि ग्रह व्यक्ति को धैर्यवान और साहसी बनाता है। साथ ही जीवन में स्थिरता बनी रहती है और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है। वहीं शनि जब अशुभ प्रभाव देता है तो जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और व्यक्ति की जिंदगी कारावास जैसी हो जाती है।

7 . पिसा हुआ आमचूर
इसका संबंध केतु ग्रह से है। केतु केवल अशुभ प्रभाव नहीं देता बल्कि शुभ प्रभावों के लिए केतु को जाना जाता है। कुंडली में अगर केतु शुभ स्थान पर हो तो वह रंक को राजा बना देता है और हर क्षेत्र में सफलता देता है और समस्याओं से मुक्ति दिलाता है। वहीं अशुभ केतु का प्रभाव जीवन में कई समस्याएं लाता है। हर कार्य में बाधा आती है और कालसर्प दोष निर्माण करता है। केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति के लिए आमचूर का प्रयोग काफी लाभदायक सिद्ध होता है।

8 . पिसा हुआ गर्म मसाला
यह राहु का प्रतिनिधित्व करता है। गर्म मसाला जिस तरह खाने का स्वाद बढ़ाता है, उसी तरह कुंडली में राहु का शुभ प्रभाव जीवन में हर खुशी देता है। वह साहस प्रदान करता है और धन मार्ग प्रशस्त करता है। जिस तरह ज्यादा गर्म मसाला खाने को खराब कर देता है, उसी तरह अशुभ राहु के प्रभाव से कोई न कोई बाधा आती रहती है। साथ ही असफलताओं का सामना करना पड़ता है। राहु के शुभ प्रभाव के लिए गर्म मसाला का उपाय जीवन में समृद्धि लाता है।

9 . मेथी
मेथी का सम्बन्ध मंगल ग्रह से होता है। मंगल के शुभ प्रभाव से व्यक्ति किसी के आगे नहीं झुकता और अपनी बात को सही सिद्ध करता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी सदस्यों के साथ संबंध मुधर रहते हैं। साथ ही जिस क्षेत्र में अपना योगदान करता है, वहां सफलता मिलती है। कुंडली में मंगल की अशुभ स्थिति से जमीन, परिवार, कर्ज जैसी आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही स्वास्थ्य के मामले में कोई न कोई परेशानी बनी रहती है।




सौंफ –

सौंफ का उपयोग तो लगभग रोजाना करते हैं,पर क्या आप को पता है कि सौंफ के सेवन से आपका शुक्र और चन्द्र ग्रह मजबूत होता है। इसे मिश्री के साथ लें या उस के बिना भी ले खाने के बाद, एसिडिटि और जी मिचलाने जैसी समस्या कम होने लगेगी। जब आप किसी कार्य के लिए घर से बाहर जाएं जो सौंफ को गुड़ के साथ सेवन करें। इससे आप का मंगल ग्रह आप का पूरा काम करने में साथ देता है।

दालचीनी

दालचीनी मंगल और शुक्र ग्रह को ठीक करती है यदि किसी का मंगल और शुक्र कुपित है, तो थोड़ी सी दालचीनी को शहद में मिलाकर ताज़े पानी के साथ सेवन करें, इससे आप की शरीर में शक्ति बढ़ेगी और सर्दियों में कफ की समस्या कम परेशान करती है।

काली मिर्च

काली मिर्च के सेवन से हमारा शुक्र और चंद्रमा अच्छा होता है काली मिर्च के सेवन से कफ की समस्या कम होती है और हमारी स्मरण शक्ति भी बढ़ती है तांबे के किसी बर्तन में काली मिर्च डालकर रखने से घर पर किसी की नज़र नहीं लगती है। काली मिर्च के सेवन से शनि ग्रह भी ठीक रहता है।

जौं

जौ के प्रयोग से सूर्य ग्रह और गुरु ग्रह ठीक होता है जौं के आटे की रोटी खाने से पथरी कभी नहीं होती है।

हरी इलायची

इस के प्रयोग से बुध ग्रह मजबूत होता है अगर किसी को दूध पचाने में परेशानी होती है। तो हरी इलायची उसमें पकाकर फिर दूध का सेवन करें इस से ऐसी परेशानी नहीं होगी। यह उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन को दूध अपनी सेहत बनाए रखने या कैल्सियम के लिए दूध तो पीना पड़ता है पर उसको पीकर पचाने में समस्या आती है।

हींग

हींग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है हींग का नित्य सेवन करने से वात व पित्त के रोग नियंत्रित होते हैं हींग आप की पाचन शक्ति भी बढाती है व क्रोध समस्या से भी रहत देता है।

हल्दी

हल्दी के गुण हम सब जानते है, हल्दी के सेवन से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, हल्दी की गांठ को पीले धागे में बांधकर गुरुवार को गले में धारण करने से बृहस्पति के अच्छे फल मिलते है और यह तो हम सब को पता है की हल्दी का दूध पीने से Arthritis , Bones और Infections में अत्यधिक लाभ मिलता है।

जीरा

जीरा राहू व केतू का प्रतिनिधित्व करता है। जीरे का उपयोग भोजन में करने से आप के दैनिक जीवन में सौहार्द व शांति बनी रहती है।

मेथी नियमित खाने वाली चीजों में मेथी को शामिल करना ना भूलें इसके नियमित सेवन करने से मंगल ग्रह ठीक रहता है।



भारतीय मसालों का क्या है ग्रहों से संबंध




1. नमक पिसा हुआ- चन्द्र

2. लाल मिर्च पिसी हुई- सूर्य

3. हल्दी, पिसी हुई- गुरु

4. जीरा साबुत या पिसा हुआ- राहु, केतु

5. धनिया, पिसा हुआ- बुध

6. काली मिर्च, साबुत या पाउडर- शनि

7. अमचूर,पिसा हुआ- केतु

8. गर्म मसाला,पिसा हुआ- राहु

9. मेथी, साबुत- मंगल।

1. सूर्य ग्रह (Sun Planet):लाल मिर्च, काली मिर्च, सरसों, गुड़ और जौ पर सूर्य का स्वामित्व है।घर में इन मसालों के उपयोग से सूर्य की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है।

2. चंद्र ग्रह (Moon Planet): इलायची और हींग चंद्र ग्रह के अंतर्गत आती है। इन मसालों के उपयोग से चंद्रमा की दिशा कुंडली में बेहतर होती है और चंचल मन शांत होता है।

3. मंगल ग्रह (Mars Planet): ग्रेवी बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले मसाले जैसे कि चीनी, लाल मिर्च , अदरक, मेथी और मूंगफली से मंगल का नाता होता है।

4. बुध ग्रह (Mercury Planet): धनिये का बुध से संबंध होता है। माना जाता है कि धनिये के प्रयोग से बुद्ध ग्रह के शुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ते हैं। बुद्ध की स्थिति मजबूत होने से अटके काम बनने लग जाते हैं।

5. गुरु ग्रह (Jupiter Planet): हल्दी के स्वामी गुरु ग्रह हैं। हल्दी को हिन्दू धर्म में शुभ भी माना जाता है। हल्दी के उपयोग से गुरु का स्थान कुंडली में मुख्य रूप से प्रशस्त होता है।

6. शुक्र ग्रह (Venus Planet): जीरा, सौंफ और नमक का संबंध शुक्र ग्रह से होता है। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए इन मसालों के उपयोग से बेहतर और आसान तरीका कोई भी नहीं माना जाता है।

7. शनि ग्रह (Saturn Planet): तेल, काली मिर्च, काले तिल, लौंग और शहद शनि का मसाला है। शनि को प्रसन्न करने का सरल मार्ग यही है कि घर में इन मसालों का इस्तेमाल किया जाए और शनि देव को यह मसाले हर शनिवार को अर्पित किये जाएं।

8. राहु ग्रह (Rahu Planet): तेजपत्ते और जायफल के उपयोग से राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।

9. केतु ग्रह (Ketu Planet): अजवाइन, काला नमक, इमली और अमचूर केतु के प्रभाव को कम करने में सहायक साबित होते हैं।




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GURUDEV SANTOSH TRIPATHI

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